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Showing posts from May, 2020

बेरोजगारी की समस्या व समाधान

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बेरोजगारी की समस्या :- आज के इस लेख में मैंने आपके लिए बेरोजगारी की समस्या और उसके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए हैं जिसके जरिए मैं आप सबकोबेरोजगारी की समस्या का समाधान बताने वाली हूं। सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत की स्थिति आज है ऐसी हो गई है कि आजादी के इतने सालों बाद भी हमारा देश किसी ना किसी समस्या से जूझ रहा है आज भारत देश के सामने कई समस्याएं हैं उनमें से बेरोजगारी भी एक समस्या है  लोगों के पास हाथ है पर काम नहीं, शिक्षा है पर नोकरी नहीं, योजनाएं और उत्साह है पर अवसर नहीं। बेरोजगारी समाज के लिए एक अभिशाप है बेरोजगारी न केवल व्यक्तियों पर बुरा प्रभाव डालती है अपितु पूरे समाज को भी प्रभावित करती है बेरोजगार उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि बाजार में प्रचलित मजदूरी दर पर काम तो करना चाहता है लेकिन उसे काम नहीं मिल पा रहा। बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण जनसंख्या वृद्धि है भारत में जनसंख्या वृद्धि बहुत अधिक है लेकिन व्यवसाय के अवसरों का विकास इतना तीव्र गति से नहीं हो रहा इसी वजह से रोजगारी अधिक बढ़ती जा रही है बेरोजगारी  का कारण यह भी हो गया है कि आधुनिक युग ह...

female foeticide

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कन्या भ्रूण हत्या क्यों होती है? कहने को तो बहुत से लोग कह देते हैं कि बेटे और बेटी मे कोई फ़र्क नहीं है पर फिर भी गाँवों मे छोटे बड़े शहरों मे ,पढे लिखे समाज मे भी क्यों होती हैं कन्या भ्रूण हत्यायें ? इस प्रश्न पर गहराई से सोचने की आवश्यकता है। कन्या भ्रूण हत्या की वर्तमान स्थिति:- कानून बनते हैं तो तोडने वाले भी बहुत हैं, छुपते छुपाते समाज मे यह ग़ैर कानूनी काम धडल्ले से हो रहा है हमारे पैतृक समाज मे जहाँ लड़कियों को परया धन या दूसरे की अमानत कहा जाता रहा है वहाँ समाज की सोच बदली तो है पर आधी अधूरी। कन्या भ्रूण हत्या के कारण 1.दहेज :- लड़कियों को शिक्षा मिल रही है, वो आत्मिर्भर भी हो रहीं हैं पर विवाह के समय समाज की असली तस्वीर सामने आती है। दहेज़ प्रथा का दानव रूप, इतने क़ानून बनने के बाद भी समाज मे ज्यों का त्यो खड़ा है। खुलकर लड़कों की बोली लगाई जाती है, कम दहेज़ लाने के कारण आज भी वधुओं को सतया व जलाया जाता है। यदि वर पक्ष प्रगतिशील विचारों वाला है और दहेज़ की कोई माँग भी नहीं है, तब भी स्वेच्छा से ही ,रीति रिवाज की आड़ मे या केवल दिखावे के लिये या फिर अपनी बेटी...

बेरोजगारी

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वर्तमान में स्थिति:- संसार की अनेक प्रकार की समस्याओं में बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है। भारत में बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है ।शिक्षा की कमी, जनसंख्या वृद्धि और रोजगार  के अवसरों की कमी आदि समस्याएं बेरोजगारी के बडे कारण बने हैं। बेरोजगारी विकासशील देशों के सामने आने वाली मुख्य समस्याओं में से एक है बेरोजगारी देश के आर्थिक विकास पर ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत व पूरे समाज पर भी प्रभाव डालती है । बेरोजगारी के कारण कुछ लोग तो आत्महत्या तक कर लेते हैं क्योंकि वह अपनी परिवार का पालन पोषण सही से नहीं कर पाते । रोजगार ने होने के कारण व्यक्ति को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जैसे कि परिवार व समाज के लोग उसे ताने मारने शुरू कर देते हैं जिससे कि उसका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है और उनको मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है  सुधार के कार्य:- पिछले कुछ वर्षों में बेरोजगारी को लेकर बहुत ही मुद्दे उठे हैं ।भारत में एनजीओ सेक्टर में बड़ा विस्तार हुआ है । ये एनजीओ वंचित समुदायों के जीवन का खास हिस्सा बन रहे हैं। जिसकी वजह से उन लोगों के जीवन में बदलाव आ रहा है। एनजीओ में विशेषकर...

आज की नारी

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आज की नारी का सफर चुनौतीभरा जरूर है, पर आज उसमें चुनौतियों से लड़ने का साहस आ गया है। अपने आत्मविश्वास के बल पर आज वह दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रही है। आज की नारी आर्थिक व मानसिक रूप से आत्मनिर्भर है। परिवार व अपने करियर दोनों में तालमेल बैठाती नारी का कौशल वाकई काबिले तारीफ है। किसी को शिकायत का मौका नहीं देने वाली नारी आज अपनी काबिलीयत व साहस के बूते पर कामयाबी के मुकाम तक पहुँची है।   चुनौतियों का हँसकर स्वागत करने वाली महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। कल तक भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाएँ आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण फैसले स्वयं कर रही हैं।       * मैं हूँ ना :- शादी के पहले आत्मनिर्भर रहने वाली नारी के जीवन में शादी के बाद अचानक बदलाव-सा आ जाता है। अब उसके लिए अपना करियर व परिवार दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं। इस वक्त यदि करियर के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा तो भविष्य अंधकारमय हो सकता है और यदि परिवार की उपेक्षा की तो दांपत्य जीवन। नारी को अपने करियर संबंधी किस...